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Nirgundi Seeds Benefits, Side effects and Uses

निर्गुंडी के बीज (Nirgundi Seed): स्वास्थ्य लाभ, उपयोग और औषधीय गुण


भूमिका

"निर्गुंडी" (Vitex negundo) एक प्राकृतिक औषधियों में से एक है जो पूरी दुनिया में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इसका एक और नाम बीज संभालु भी है| यह बहुउपयोगी औषधीय पौधा है, इस पोधे की पत्तियां, तना, फूल और बिज सभी किसी न किसी रूप में औषधीय उपयोग के लिए कम में लिए जाते हैं| विशेष रूप से निर्गुंडी के बीज स्वस्थ की कई बीमारियों के लिए बहुत ही लाभकारी है और आयुर्वेद में इसको बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया है| यह बिज दर्द से राहत देते है, सुजन को कम करते है, त्वचा रोग उपचार और पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में सहायता करता है|    

निर्गुंडी के बीज क्या हैं? (What is Nirgundi Seeds)

आयुर्वेदिक औषधियों में निर्गुंडी के बीजों का उपयोग शरीर को डीटॉक्स करने के लिए भी करते है। निर्गुंडी बीज हानिकारक विषाक्त पदार्थों को निकालने में मदद करता है और पाचन तंत्र को मजबूत बनाए रखता है| इसके अलावा, यह बिज शरीर में रक्त संचार को अच्छा बनाने में भी मदद करता है, इससे हृदय से जुडी बीमारियों के खतरे को कम करता है। 

इसकी सुगंधित खुशबू और औषधीय प्रकृति के कारण, इन बीजों का उपयोग हर्बल चाय बनाने में और तेलों में भी किया जाता है| निर्गुंडी के तेल का उपयोग जोड़ो के दर्द में और मांसपेशियों की मालिश के लिए किया जाता है, जिससे दर्द और सुजन में रहत मिलती है| यह तंत्रिका तंत्र को शांत करता है, जिससे तनाव और चिंता की समस्या कम होती है|  

वैसे तो निर्गुंडी के बीजों का सेवन किसी विशेषज्ञ की सलाह से ही करना चाहिए क्योंकि अधिक मात्रा में सेवन करने से कुछ लोगों को एलर्जी या अन्य समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है| गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों इसके उपयोग से बचना चाहिए, क्योंकि इससे हार्मोनल असंतुलन पैदा हो सकता है।

कुल मिला कर निर्गुंडी के बिज बहुत लाभकारी औषधि है जो विभिन्न स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है। सही मात्रा और उचित तरीके से उपयोग करने से यह शरीर को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है | 

निर्गुंडी के बीज के स्वास्थ्य लाभ (Benefits of Nirgundi Seeds)

1. दर्द और सूजन कम करने में सहायक

निर्गुंडी के बिज गठिया (Arthritis), जोड़ो में दर्द और मांसपेशियों में सुजन को कम करने में मदद करते है क्योंकि इन बीजों में शक्तिशाली एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं| यह शरीर में रक्त संचार को बढ़ाकर दर्द को कम करने में सहायता करते हैं| 

2. श्वसन तंत्र के लिए फायदेमंद

खांसी, अस्थमा और ब्रोंकाइटिस जैसी श्वसन समस्याओं में इस निर्गुंडी बीजों का उपयोग किया जाता है| क्योंकि यह बलगम को बहार निकलने में मदद करता है और श्वसन मार्ग को साफ रखते हैं 

3. त्वचा रोगों का उपचार

जब त्वचा में जलन, खुजली और एलर्जी वाली समस्या होती है तब निर्गुंडी के बिज का उपयोग किया जाता है क्योंकि यह बीज इन समस्याओं को कम करने में मदद करते है| इसका पेस्ट बनाकर प्रभावित स्थान पर लगाने से चर्म रोगों से राहत मिलती है।

4. मासिक धर्म की समस्याओं में लाभदायक

अधिकतर महिलाएं हार्मोन असंतुलन की समस्या से गुजरती है जिसमें अनियमित मासिक धर्म, अधिक रक्तस्राव और मासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द है| निर्गुन्डी के बीज हार्मोन संतुलन बनाए रखने में मदद करते है| 

5. मानसिक स्वास्थ्य में सुधार

निर्गुंडी के बीज तनाव, चिंता और अनिद्रा जैसी मानसिक समस्याओं में भी लाभदायक होते हैं। इनका सेवन करने से मस्तिष्क को शांत रखने में मदद मिलती है और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता बढ़ती है।

6. पाचन क्रिया को मजबूत करता है

इन बीजों में मौजूद औषधीय गुण से अपच, गैस और कब्ज जैसी समस्याओं को कम करने में मदद मिलती हैं। यह आंतों को साफ करते है और पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं। जिससे पेट के सारी समस्याएं समाप्त होती है| 

7. प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाता है

निर्गुंडी बीज में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट गुण शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करते हैं और शरीर को संक्रमण से बचाते हैं।

निर्गुंडी के बीज के उपयोग (How to Use Nirgundi Seeds)

  • काढ़ा बनाना: 5 से 10 ग्राम बीजों को पानी में उबालकर इसका काढ़ा बना ले और इसको पी ले इससे शरीर की सुजन और दर्द कम होता है|
  • पाउडर बनाना: इन बीजों का पाउडर बना ले अब इसको शहद या गर्म पानी के साथ ले|इससे पाचन और प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूती मिलती है।
  • निर्गुंडी बीज का तेल: इन बीजो से निकाला हुआ तेल की मालिश करने से जोड़ो के दर्द मांसपेशियों की अकड़न को कम करने में मदद मिलती है|
  • लेप बना कर लगाना: त्वचा के रोग में इसका पेस्ट बना कर प्रभावित हिस्सों में लगाने से त्वचा की समस्या कम करने में मदद मिलती है| 
  • धूम्र प्रयोग: आयुर्वेद में इन बीजों को जलाकर धुएं के रूप में सूंघने से सर्दी और सिरदर्द में राहत मिलती है।

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निर्गुंडी बीज के साइड इफेक्ट और सावधानियां (Side effects of Nigundi Seeds)

जैसे की आप जानते है निर्गुंडी बीज आयुर्वेद में बहुत ही लाभकारी माने जानते है इन बीजों का अधिक मात्रा में सेवन करने से इसके कुछ दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं:

  • गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को किसी भी औषधि का उपयोग करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए इसलिए इन बीजों का उपयोग करने से पहले भी डॉक्टर की सलाह ले|
  • वैसे तो निर्गुंडी के बीज पेट की सदस्यों में मदद करते है पर अधिक मात्रा में इसका सेवन करने से पेट में दर्द या उलटी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। इसलिए ध्यान से सेवन करें|
  • निर्गुंडी से कई लोगो को एलर्जी भी होती है इसलिए यदि आपको निर्गुंडी से एलर्जी है तो इसका उपयोग न करें| 

निष्कर्ष

निर्गुंडी के बीज आयुर्वेद में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है, जो कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं में फायदेमंद होते हैं। इसका सही से उपयोग करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, श्वसन तंत्र को मजबूत करता है, त्वचा के रोगों से राहत दिलाता है| और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार करता है। हालांकि, इनका उपयोग करते समय सावधानी बरतना जरूरी है। यदि आप किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे हैं तो इन्हें अपनाने से पहले किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह जरूर लेना चाहिए|

अगर आप प्राकृतिक उपचारों में रुचि रखते हैं, तो निर्गुंडी के बीज आपके स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं।

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